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आजादी का अमृत महोत्सव के तहत अरविन्द पैवेलियन में एक साथ गूजें देश भक्ति गीत

सिरोहीवाले ब्यूरो ऑफिस
हरीश दवे, सिरोही

सिरोही। जिला मुख्यालय स्थित अरविन्द पैवेलियन में आजादी के अमृत महोत्सव (Azadi Ka Amrit Mahotsav) के तहत जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला प्रभारी एवं राजस्थान विधानसभा उप मुख्य सचेतक महेन्द्र चोधरी ने अपने उद्बोधन में कहा कि सरफरोसी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,.... यह नारा आज भी हम सभी में आजादी का जोश भर देता है।

उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 2022 को भारत की स्वतंत्रता का 75 वां वर्ष पूरा हो रहा है, इस उपलक्ष में अमृत महोत्सव 15 अगस्त, 2023 तक मनाया जाएगा।  उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव को मनाए जाने के मुख्य कारणों में - भारत को अग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली, देश को स्वतंत्र कराने के लिए जिन राष्ट्र सपूतों ने बलिदान दिया और कष्ट सहें इन्हें याद करने का यह दिन है। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देश ने जो उपलब्धियां हासिल की है एवं  जो सपने लेकर हम चले थे, कितने पूरे हुए है, और कितने अभी अधूरे हैं, इन सब पर एक नजर डालने की जरूरत है। हम कल बंधी हुई धरती पर खडे थे, आज खुला आकाश है और आने वाले कल की हवाएं हमारे साथ होगी।  

उन्होने कहा कि जो देश अपना इतिहास भूल जाता है, उसका भूगोल भी बदल जाता है, और यह हुआ भी है।  भारत को आजाद कराने के लिए किन-किन चुनोतियों का सामना करना पडा और क्या-क्या कुर्बानियां भारत कांे देनी पडी, यह आज की युवा पीढी को जानना जरूरी है साथ ही यह भी कि आने वाले समय में किन चुनौतियों का सामना करना पडेगा। बदलते वक्त के साथ क्या हम भी बदल रहे है, इस पर विचार करने की आवश्यकता है। भारत ने बटवारे, चीन के साथ युद्ध एवं कई बार बुरी अर्थव्यवस्था का दौर देखा है। तत्समय देश के प्रधानमंत्री के लगातार प्रयासों के बाद और देश प्रे्रम के दम पर भारत आज बडी अर्थव्यवस्था की ओर हर क्षेत्र में विकास वाला देश बन गया है।

उन्होंने कहा कि आज भारत एक परमाणु शक्ति होने के साथ एक बडी सैन्य शक्ति भी है, यही नहीं चाॅद और मंगल पर मानव रहित मिशन भेजने वाले 5 देशों की सूचि में भारत का भी नाम शामिल है। आज भारत को दुनिया सम्मान और आशा भरी नजरों से देख रही है। इन सभी बातों पर ध्यान देंगे तो गर्व महसूस होता है कि हम भारत वासी है और भारत मंें पैदा हुए है। इसलिए आजादी का अमृत महोत्सव मनाना बहुत जरूरी है।

आजादी का महोत्सव विशेष जाति, धर्म अथवा राज्य के लिए नहीं है अपितु संपूर्ण भारत के लिए है, इस राष्ट्रीय महोत्सव के दौरान सभी सरकारी भवन एवं घरों पर तिरंगा फहराया जा रहा है और रैलियां भी निकाली जा रही है, ताकि इसका महत्व आमजन तक पहुंचाया जा सके। इस आजादी के महोत्सव में शिक्षा, राजनैतिक , धर्म, उद्योग, संस्कृति सभी जगह देश का अंतिम जन तक शामिल हो रहा है। तमाम विपरित हालतों के बावजूद हम कह सकते है कि यह देश कल भी सुनहरा था इस देश का आज भी चमकिला है, और आने वाला कल भी उजालो से रोशन होगा। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने देश की मिट्टी की कसम खाकर संकल्प लेना होगा कि जितना हमने इस देश से लिया है, उससे कई गुणा ज्यादा लौटाएंगे है।

कार्यक्रम में जिला स्तरीय देशभक्ति गायन प्रतियोगिता के मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री महेन्द्र चैधरी का मुख्य द्वार पर बालिका विद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रधानाचार्य हीरा खत्री के नेतृत्व में सामेला कर, राखी बांधकर, कुमकुम तिलक कर स्वागत व अभिनन्दन किया गया। जिला कलेक्टर डाॅ भंवरलाल ने पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रभारी मंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की पूजा अर्चना से हुआ। जिला मुख्यालय पर आयोजित इस देशभक्ति गान गायन कार्यक्रम में सिरोही जिला मुख्यालय के 15 विद्यालयों के करीब 3000 बच्चों ने भाग लेकर सस्वर, सुर ताल के साथ 6 देशभक्ति गानों का सुन्दर प्रस्तुतीकरण किया। इस रंगारंग कार्यक्रम का निर्देशन जिला शिक्षा अधिकारी गंगा कलावन्त ने किया। बच्चों के द्रोणाचार्य के रूप में अध्यापक सुल्तानसिंह, जितेन्द्र परिहार, प्रेमलता राठौड और दीपाली ठाकर ने अपना स्वर देकर कार्यक्रम का समां बांधा। कार्यक्रम का संचालन महात्मा गांधी विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक दिलीप शर्मा ने किया। एक अनुमान के मुताबिक राजस्थान के करीब एक करोड बच्चों ने एक साथ देशभक्ति गानों का गायन किया। यह अपने आप में एक रिकार्ड है।

इस अवसर पर जिला कलेक्टर डाॅ भंवर लाल, पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी शुभमंगला, सभापति महेन्द्र मेवाडा, उपसभापति जितेन्द्र सिंघी, उपखण्ड अधिकारी रमेश चन्द्र बहेडिया, प्रशिक्षु उपखण्ड अधिकारी रवि प्रकाश, तहसीलदार किरण चारण, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी भंवरसिंह, जिला परिवहन अधिकारी नानजीराम गुलसर, आयुक्त महेन्द्र चैधरी, पार्षदगण अन्य जन प्रतिनिधि समेत विद्यार्थी एवं शिक्षकण मौजूद थे।

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